Wednesday, 3 June 2026

DiasporaDreams

Building Bridges Across Nations

The Heritage Desk

Heritage

The lineage, history, and intergenerational stories of the Indian diaspora

Hindi poem on exhortation
Heritage

Hindi poem on exhortation

उद्बोधन By सत्येन्द्र नारायण सिंह  ओ, कलम पकड़ने वाले! हाथों में पकड़ो तलवार कभी। यदि कोई हक छीन रहा, या करना चाहे वार कभी।। धर्म और न्याय-भाषण से, काम नहीं जब बन पाए, दुर्बल,वृद्ध और अबला को, दुर्जन कोई आँख दिखाए, तो खींच धनुष की प्रत्यंचा, कर वाणों की बौछार कभी। ओ, कलम पकड़ने वाले! […]

Hindi Poem on Women Power
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Hindi Poem on Women Power

नारी By सत्येन्द्र नारायण सिंह  नारी!तुम हो शक्ति स्वरूपा, फिर तुम क्यों घबराती हो? दुनिया का प्रपञ्च सुनकर, जीवन से क्यों उकताती हो? हमें बताओ किस से कम हो, छिपी हुई है कमी कहाँ? ज्योत्स्ना की धबल कीर्ति हो, ज्ञान दीप्ति जल रही जहाँ। सबल रूप हो दुर्गा की तुम, काली की उद्दाम भी हो। […]